अमेरिका से ट्रेड डील को लेकर सरकार पर हमले तेज कर चुकी कांग्रेस ने अब केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri को विवादित एपस्टीन फाइल्स के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया है। पार्टी ने मंत्री की सफाई को “सरासर झूठ” करार देते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है और आरोप लगाया है कि वे जेफ्री एपस्टीन के संपर्क में थे।

संसद से सड़क तक प्रदर्शन

बजट सत्र के आखिरी दिन संसद परिसर में कांग्रेस सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लहराते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई। लोकसभा में नेता विपक्ष Rahul Gandhi ने सदन में हरदीप पुरी के एपस्टीन से कथित संबंधों का मुद्दा उठाया, जिसके बाद कांग्रेस ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाने की रणनीति तेज कर दी।

संसद के साथ-साथ सड़क पर भी विरोध देखने को मिला। युवा कांग्रेस के नेतृत्व में राजधानी में प्रदर्शन करते हुए पुरी को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की गई।

कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस

कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख Pawan Khera ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री Narendra Modi से मांग की कि वे तुरंत हरदीप पुरी से इस्तीफा लें।

खेड़ा ने आरोप लगाया कि पुरी ने अपने स्पष्टीकरण में एपस्टीन से सीमित बातचीत की बात कही है, जबकि सार्वजनिक हुए कुछ ईमेल्स से यह संकेत मिलता है कि संपर्क लगातार था। उन्होंने दावा किया कि पुरी ने स्वयं मुलाकात का अनुरोध किया था।
‘डिजिटल इंडिया’ को लेकर सवाल
कांग्रेस ने यह भी सवाल उठाया कि 13 नवंबर 2014 को लिंक्डइन के सह-संस्थापक Reid Hoffman को भेजे गए एक ईमेल में ‘Digital India’ का उल्लेख था, जबकि भारत में Digital India की आधिकारिक शुरुआत जुलाई 2015 में हुई थी।
पार्टी का आरोप है कि यदि उस समय हरदीप पुरी सरकार का हिस्सा नहीं थे, तो उन्हें इस पहल की जानकारी कैसे मिली और उन्होंने यह जानकारी किस अधिकार से साझा की। कांग्रेस ने सरकार से इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
राजनीतिक तापमान बढ़ा
कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार ने इस पर संतोषजनक जवाब नहीं दिया, तो यह मुद्दा आगामी सत्रों और चुनावी अभियानों में भी उठाया जाएगा। फिलहाल सरकार या केंद्रीय मंत्री की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार है।
यह मामला संसद की बहस से निकलकर अब सार्वजनिक और सियासी विमर्श का हिस्सा बनता दिख रहा है, जिससे आने वाले दिनों में राजनीतिक हलचल और तेज हो सकती है।