बांग्लादेश के नए खेल मंत्री अमीनुल हक ने भारत और Board of Control for Cricket in India (BCCI) के साथ रिश्ते सुधारने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि सरकार पड़ोसी देशों के साथ मित्रतापूर्ण संबंध बनाए रखना चाहती है और लंबित मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने के लिए तैयार है।

हक ने बताया कि शपथ लेने के बाद उनकी मुलाकात ढाका में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर से हुई, जिसमें टी-20 वर्ल्ड कप और द्विपक्षीय क्रिकेट संबंधों पर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश किसी भी विवाद को संवाद के माध्यम से जल्द सुलझाना चाहता है।

टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा न लेने से बढ़ी दूरी

आईसीसी टूर्नामेंट के तहत बांग्लादेश टीम को अपने मुकाबले मुंबई और कोलकाता में खेलने थे। हालांकि, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए टीम ने भारत दौरे पर आने से इनकार कर दिया। इसके बाद International Cricket Council (ICC) ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया।

इस फैसले से दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों में तनाव देखने को मिला।

मोदी-रहमान के बीच बातचीत

13 फरवरी को प्रधानमंत्री Narendra Modi और बांग्लादेश के नेता Tarique Rahman के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। मोदी ने रहमान को चुनावी जीत की बधाई दी और दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों पर साथ काम करने की बात कही।
इसके बाद बीएनपी (BNP) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह आपसी सम्मान और क्षेत्रीय शांति के आधार पर रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
विवाद की प्रमुख वजहें
1. IPL से मुस्तफिजुर रहमान की विदाई
बांग्लादेशी तेज गेंदबाज Mustafizur Rahman को आईपीएल में खेलने की अनुमति नहीं दी गई। उन्हें Kolkata Knight Riders ने 16 दिसंबर की नीलामी में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन बाद में उन्हें टीम से रिलीज कर दिया गया।
2. राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रसारण रोक
इस फैसले के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई और वहां आईपीएल प्रसारण पर रोक लगा दी गई। इसके बाद टी-20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की मांग भी उठी, जिसे ICC ने स्वीकार नहीं किया।
सुरक्षा को लेकर चिंता
पूर्व खेल मंत्री आसिफ नजरुल ने भारतीय दौरे पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सुरक्षा को लेकर आशंका जताई थी। उनका कहना था कि बांग्लादेश वर्ल्ड कप खेलने का इच्छुक है, लेकिन खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे की राह
नए खेल मंत्री अमीनुल हक की पहल से संकेत मिल रहे हैं कि ढाका और नई दिल्ली के बीच क्रिकेट कूटनीति के जरिए संबंधों में सुधार हो सकता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि दोनों बोर्ड और सरकारें किस तरह बातचीत को आगे बढ़ाती हैं और भविष्य में द्विपक्षीय सीरीज या टूर्नामेंट के जरिए रिश्तों को सामान्य करती हैं।