झारखंड में अंधविश्वास का खौफनाक चेहरा: डायन बताकर परिवार को जिंदा जलाया

रांची/चाईबासा: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले में अंधविश्वास की एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। Chaibasa के कुमारडुंगी थाना क्षेत्र स्थित कुदासाई-कलाइया गांव में ‘डायन’ होने के आरोप में एक परिवार को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। इस घटना में महिला और उसकी मासूम बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से झुलस गया है और अस्पताल में उसका इलाज जारी है।

बुधवार को हुई वारदात

पुलिस के अनुसार बुधवार को सूचना मिली कि गांव में पति-पत्नी और बच्चे को डायन बताकर आग के हवाले कर दिया गया है। सूचना मिलते ही Jharkhand Police के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी।

पीड़ित के बयान पर मामला दर्ज

गंभीर रूप से घायल कोल्हान सिंकू (40) के बयान के आधार पर कुमारडुंगी थाना में कांड संख्या 06/2026 दर्ज किया गया है।

मामले में भारतीय दंड संहिता 2023 की धाराओं 103(1), 238, 51(2) तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2021 की धाराओं 3 और 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नामजद आरोपियों—रसिका उर्फ चेचे बिरुवा (29), जेना बिरुवा (19), सोना बिरुवा (36) और डेलका सिंकू (20)—को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
अंधविश्वास पर फिर उठे सवाल
झारखंड में डायन प्रथा के खिलाफ कानून होने के बावजूद इस तरह की घटनाएं समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों और अंधविश्वास से दूर रहने की अपील की है।