उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर दौरे के दौरान भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया ‘नए भारत’ की ताकत को देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल संभावनाओं का देश नहीं, बल्कि अवसरों की धरती बन चुका है, जहां विकास और निवेश के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं।

सिंगापुर में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी मौजूद रहे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने बीते वर्षों में वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाई है। आर्थिक विकास, डिजिटल क्रांति, बुनियादी ढांचे का विस्तार और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था ने देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है।

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 6,650 करोड़ रुपये के निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए। जानकारी के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र में लगभग 3,500 करोड़ रुपये की लागत से एयरोस्पेस और रक्षा क्षेत्र से जुड़ी परियोजनाओं का विकास किया जाएगा। इसके अलावा, राज्य में लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर की भी बड़ी योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनसे हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत हुई है और सरकार निवेशकों को सुरक्षित एवं पारदर्शी माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य को ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य तय किया गया है और इसके लिए औद्योगिक निवेश, अधोसंरचना विकास और तकनीकी नवाचार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे देश के अनौपचारिक राजदूत हैं, जो विश्वभर में भारत की संस्कृति, क्षमता और विकास की कहानी को आगे बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को उत्तर प्रदेश के लिए वैश्विक निवेश आकर्षित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदल सकती है और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सकती है।

कुल मिलाकर, सिंगापुर दौरे के माध्यम से उत्तर प्रदेश ने वैश्विक मंच पर अपनी विकास यात्रा और संभावनाओं को मजबूती से प्रस्तुत किया है, और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।