+91 9313962651
info@deogharcity.com
Ad

महिला आरक्षण से जुड़ा बिल लोकसभा में गिरा, 54 वोटों से नहीं मिल पाया जरूरी समर्थन

National April 18, 2026 By Mrityunejay Malviya
News Image

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े महत्वपूर्ण संविधान संशोधन विधेयक को सरकार पास नहीं करा सकी। लंबी बहस और वोटिंग के बाद यह बिल 54 वोटों से गिर गया, जिससे केंद्र सरकार को बड़ा झटका लगा है।

Advertisement

संसद में कुल 528 सांसदों ने मतदान में हिस्सा लिया। बिल के समर्थन में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। हालांकि, इस विधेयक को पारित कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की आवश्यकता थी, जो सरकार जुटाने में असफल रही।

Advertisement

क्या था बिल में प्रावधान?

Advertisement

इस संविधान संशोधन बिल में लोकसभा की कुल सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव था। इसके साथ ही महिलाओं के लिए 33% आरक्षण लागू करने का रास्ता भी इसी प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था।

सरकार का तर्क था कि बढ़ी हुई सीटों के साथ महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व मिल सकेगा, लेकिन विपक्ष ने इस प्रस्ताव को लेकर कई आपत्तियां जताईं।

क्यों नहीं पास हो पाया बिल?

राजनीतिक समीकरण इस बिल के खिलाफ जाते दिखे। एनडीए के पास पर्याप्त संख्या होने के बावजूद वह विपक्ष को साथ लाने में नाकाम रही।

सरकार को मिले: 298 वोट

विरोध में पड़े: 230 वोट

जरूरी थे: 352 वोट

यानी सरकार 54 वोटों से पीछे रह गई।

विपक्ष ने क्या उठाए सवाल?

विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण का सीधे विरोध नहीं किया, लेकिन परिसीमन को लेकर गंभीर चिंताएं जताईं।

मुख्य आपत्तियां:

दक्षिणी राज्यों की सीटों में संभावित कमी

जनसंख्या के आधार पर प्रतिनिधित्व में असंतुलन

ओबीसी और अन्य वर्गों के हितों को लेकर सवाल

सरकार का पक्ष

सरकार का कहना है कि यह बिल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम था। गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में कहा कि परिसीमन से किसी राज्य का नुकसान नहीं होगा, बल्कि सभी राज्यों को सीटों में बढ़ोतरी मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने भी विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार श्रेय लेने को तैयार नहीं है, बस बिल पास होना चाहिए।

क्या होगा आगे?

अब इस बिल के गिरने के बाद महिला आरक्षण के लागू होने में देरी तय मानी जा रही है।

नई जनगणना के बाद ही परिसीमन संभव

2029 चुनाव में लागू होना मुश्किल

2034 तक टल सकता है आरक्षण

सरकार भविष्य में संशोधन के साथ बिल दोबारा पेश कर सकती है और विपक्ष से सहमति बनाने की कोशिश करेगी।

ऐतिहासिक मायने

यह पिछले कई वर्षों में पहला मौका है जब केंद्र सरकार लोकसभा में कोई महत्वपूर्ण विधेयक पारित नहीं करा पाई। इससे संसद में सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव की तस्वीर भी साफ होती है।

AdvertisementAdvertisementAdvertisement

Related News

News image
National
राज्यसभा में हरिवंश की फिर एंट्री तय! उपसभापति चुनाव से पहले NDA मजबूत

राज्यसभा के उपसभापति पद पर हरिवंश का नाम लगभग तय राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए हरिवंश नारायण सिंह का नाम लगभग तय माना जा रहा है। 17 अप्रैल को ह...

News image
National
Mallikarjun Kharge का हमला— “नीयत में खोट, यह चुनावी पैंतरा”

देश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने विपक्षी दलों की ...

News image
National
TMC vs चुनाव आयोग: 7 मिनट में खत्म हुई मीटिंग पर विवाद, EC बोला— बंगाल में होंगे भयमुक्त चुनाव

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले सियासत गरमा गई है। Trinamool Congress (TMC) और Election Commission of India (EC) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिल रही है। ...

News image
National
लोकसभा में नक्सलवाद पर चर्चा, गृह मंत्री अमित शाह का राहुल गांधी पर निशाना

लोकसभा में नक्सलवाद जैसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल गरमा गया। गृह मंत्री अमित शाह ने इस विषय पर जवाब देते हुए कांग्रेस और विशेष ...

News image
National
एलपीजी संकट पर सड़क से संसद तक हंगामा, राहुल गांधी का पीएम मोदी पर निशाना, सरकार ने क्या कहा?

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और Iran, United States और Israel के बीच बढ़ते संघर्ष के असर अब भारत में भी दिखाई देने लगे हैं। देश के कई शहरों में एलपीज...

News image
National
शराब घोटाला मामला: हाई कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल समेत 23 लोगों को भेजा नोटिस

दिल्ली की कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े मामले में Delhi High Court ने बड़ा कदम उठाते हुए Arvind Kejriwal समेत 23 लोगों को नोटिस जारी किया है। अद...