आगामी धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इसी क्रम में उपायुक्त (डीसी) की अध्यक्षता में बाबा मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और जलार्पण की प्रक्रिया को सुगम, व्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जाए। प्रशासन ने कहा कि किसी भी श्रद्धालु को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम करें।

मंदिर व्यवस्था को लेकर दिए गए अहम निर्देश

बैठक के दौरान डीसी ने मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
जलार्पण के लिए कतार प्रबंधन बेहतर बनाया जाए
भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती
श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करना
साफ-सफाई और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना
पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखना
डीसी ने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए पहले से ही सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं।
पंडा समाज के सुझावों पर भी चर्चा
बैठक में पंडा समाज के प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों पर भी विचार किया गया। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा।
साथ ही, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
समन्वय से होगा बेहतर प्रबंधन
डीसी ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या भीड़भाड़ की स्थिति उत्पन्न न हो।
उन्होंने यह भी कहा कि आयोजन के दौरान नियमित निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत निर्णय लेकर व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष तैयारी
प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में मंदिर में दर्शन और जलार्पण की प्रक्रिया पूरी तरह सुचारु रहे। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं और तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।