हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को बेहद शुभ और फलदायी पर्व माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए दान, पूजा और शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। इसलिए इस दिन पूजा-विधि को सही तरीके से करना बहुत जरूरी होता है।

अक्सर देखा जाता है कि लोग पूजा की तैयारी में कुछ जरूरी चीजें भूल जाते हैं, जिससे पूजा अधूरी रह जाती है और उसका पूरा फल नहीं मिल पाता। अगर आप भी इस अक्षय तृतीया पर विधि-विधान से पूजा करना चाहते हैं, तो पहले से सभी जरूरी सामग्री और नियमों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

पूजा के लिए जरूरी सामग्री

अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके लिए निम्न चीजें अनिवार्य मानी गई हैं:
कलश और गंगाजल
रोली, चावल (अक्षत), हल्दी और कुमकुम
फूल और तुलसी के पत्ते
दीपक और धूप
भगवान विष्णु-लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर
पीला वस्त्र
मिठाई, फल और सूखे मेवे
तुलसी के पत्तों के बिना भगवान विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है, इसलिए इसे भूलना नहीं चाहिए।
पूजा से पहले रखें इन बातों का खास ध्यान
अक्षय तृतीया की पूजा सिर्फ सामग्री से ही पूरी नहीं होती, बल्कि कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है:
घर और पूजा स्थल की साफ-सफाई करें
स्नान कर स्वच्छ और preferably पीले कपड़े पहनें
पूजा सही मुहूर्त में करें
मन में श्रद्धा और सकारात्मक भाव रखें
क्या न करें इस दिन
इस दिन कुछ गलतियां आपकी पूजा के फल को प्रभावित कर सकती हैं:
बिना स्नान किए पूजा न करें
पूजा सामग्री अधूरी न रखें
क्रोध या नकारात्मक सोच से दूर रहें
पूजा के दौरान जल्दबाजी न करें
क्यों है अक्षय तृतीया खास?
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन से त्रेता युग की शुरुआत हुई थी। साथ ही यह दिन धन, समृद्धि और नई शुरुआत के लिए सबसे शुभ माना जाता है।
इस दिन सोना खरीदना, नया काम शुरू करना और दान-पुण्य करना बेहद फलदायी माना जाता है।
2026 में अक्षय तृतीया कब है?
इस वर्ष अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। यह तिथि सुबह से शुरू होकर अगले दिन तक रहेगी, लेकिन उदया तिथि के अनुसार मुख्य पर्व 19 अप्रैल को ही मनाया जाएगा।