झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले की जांच अब तेज हो गई है। शुरुआती जांच में जमशेदपुर और देवघर सहित कई जिलों में गड़बड़ी के संकेत मिले हैं। इसके बाद राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए छह जिलों में लंबे समय से जमे कर्मियों को हटाने का फैसला लिया है।

कई जिलों में गड़बड़ी के संकेत

प्राथमिक जांच रिपोर्ट में संकेत मिले हैं कि ट्रेजरी सिस्टम में अनियमितताएं सिर्फ एक-दो जगह तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह मामला कई जिलों तक फैला हुआ हो सकता है।

जमशेदपुर और देवघर में गड़बड़ी के शुरुआती संकेत मिलने के बाद जांच का दायरा और बढ़ाया गया है।
6 जिलों के कर्मियों पर कार्रवाई
सरकार ने आदेश दिया है कि जिन कर्मचारियों की एक ही जगह लंबे समय से पोस्टिंग है, उन्हें तुरंत हटाया जाए।
इन जिलों में काम कर रहे कर्मियों को हटाने का उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना और संभावित भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है।
जांच समिति सक्रिय
ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए बनाई गई समिति अब लगातार बैठकें कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच में फाइलों, भुगतान रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की जा रही है, ताकि गड़बड़ी की असली वजह सामने आ सके।
अधिकारियों तक पहुंच सकती है जांच
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सिर्फ निचले स्तर के कर्मचारी ही नहीं, बल्कि बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
जांच के दायरे में लेखाकार, क्लर्क और ऑडिट से जुड़े अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
सरकार का सख्त रुख
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय स्तर पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है और आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है।
निष्कर्ष
ट्रेजरी घोटाले को लेकर झारखंड में प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि जांच में किन-किन लोगों की भूमिका सामने आती है और सरकार इस पर क्या बड़ा कदम उठाती है।