जिला स्तर पर 9 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सिविल कोर्ट स्थित सभागार में आयोजित बैठक में अधिकारियों ने विभिन्न मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निपटारे पर जोर दिया।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे जिला जज कोशल किशोर झा ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक मामलों को आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लोक अदालत में शामिल किया जाए।

लोक अदालत में बैंक ऋण, बिजली बिल, बीमा, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक विवाद और अन्य सिविल मामलों का निपटारा किया जाएगा। इससे न केवल लोगों को त्वरित न्याय मिलेगा, बल्कि न्यायालयों पर लंबित मामलों का बोझ भी कम होगा।

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित मामलों की सूची तैयार करें और पक्षकारों को समय पर सूचना दें, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पहल का लाभ उठा सकें।
प्रशासन का मानना है कि लोक अदालत के जरिए विवादों का समाधान कम समय और कम खर्च में संभव है, जिससे लोगों को राहत मिलती है और न्यायिक प्रक्रिया भी सरल बनती है।