चीन ने हाल ही में अपने तीसरे और सबसे एडवांस्ड एयरक्राफ्ट कैरियर Fujian पर लगे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल्ट सिस्टम (EMALS) की क्षमता का प्रदर्शन किया है। दावा किया गया कि यह सिस्टम 30 टन वजनी फाइटर जेट को 170 मील प्रति घंटे (mph) की रफ्तार देकर लॉन्च कर सकता है और महज 0.2 सेकेंड में उसे रोक भी सकता है।

हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि यह सही साबित होता है तो यह टेक्नोलॉजी चीन की नौसैनिक शक्ति के लिए बड़ा गेम-चेंजर मानी जा रही है।

क्या है इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल्ट (EMALS)?

EMALS यानी Electromagnetic Aircraft Launch System एक ऐसा सिस्टम है जो भाप (steam) की जगह विद्युत चुंबकीय ऊर्जा का उपयोग करके विमान को लॉन्च करता है।

यह सिस्टम अमेरिका के USS Gerald R. Ford क्लास कैरियर पर पहले से इस्तेमाल किया जा रहा है। पारंपरिक स्टीम कैटापुल्ट की तुलना में EMALS ज्यादा सटीक, नियंत्रित और ऊर्जा-क्षम माना जाता है।

क्या है इसकी खासियत?

⚡ हाई बर्स्ट पावर: कम समय में भारी जेट को तेज रफ्तार देना
🎯 बेहतर नियंत्रण: इजेक्शन फोर्स को सटीक तरीके से रेगुलेट करना
✈️ फुल लोड टेकऑफ: फाइटर जेट पूरे फ्यूल और हथियारों के साथ उड़ान भर सकते हैं
🔄 हाई सॉर्टी रेट: कम समय में ज्यादा विमानों की लॉन्चिंग
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम को J-35, J-15T और KJ-600 जैसे विमानों के साथ टेस्ट किया गया है।
0.2 सेकेंड में ब्रेक का दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर वायरल एक वीडियो में दावा किया गया कि नया इलेक्ट्रोमैग्नेटिक अरेस्टिंग सिस्टम 170 mph की रफ्तार से आ रहे 30 टन के जेट को 0.2 सेकेंड में रोक सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, आधुनिक कैरियर अरेस्टिंग सिस्टम आमतौर पर 2–3 सेकेंड में विमान को रोकते हैं। ऐसे में 0.2 सेकेंड का दावा तकनीकी रूप से बेहद असाधारण है और इसकी पुष्टि होना बाकी है।
कैसे काम करता है यह सिस्टम?
कैटापुल्ट ट्रैक के नीचे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कॉइल्स लगाए जाते हैं।
हाई वोल्टेज करंट इन कॉइल्स में प्रवाहित होता है।
चुंबकीय बल विमान को आगे की ओर खींचता है।
कंप्यूटर सिस्टम लॉन्च स्पीड और पावर को नियंत्रित करता है।
यह तकनीक विमानवाहक पोत की कॉम्बैट क्षमता को कई गुना बढ़ा सकती है, क्योंकि इससे भारी और आधुनिक एयरक्राफ्ट को भी तेजी से ऑपरेट किया जा सकता है।
चीन की नौसेना के लिए कितना अहम?
EMALS से लैस Fujian चीन का पहला ऐसा विमानवाहक पोत है जो पारंपरिक स्टीम कैटापुल्ट से आगे बढ़ चुका है। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि इससे चीन की ब्लू-वॉटर नेवी (समुद्र के दूरस्थ क्षेत्रों में संचालन क्षमता) को मजबूती मिलेगी और अमेरिका जैसी नौसैनिक शक्तियों को टक्कर देने की उसकी क्षमता में इजाफा होगा।
हालांकि 170 mph और 0.2 सेकेंड जैसे दावों की पुष्टि अभी शेष है, लेकिन यह स्पष्ट है कि इलेक्ट्रोमैग्नेटिक कैटापुल्ट सिस्टम भविष्य की नौसैनिक रणनीति में अहम भूमिका निभाने वाला है।