देवघर नगर निकाय चुनाव में इस बार का मुकाबला काफी दिलचस्प और रोमांचक रहा। आखिरकार मतगणना पूरी होने के बाद रवि यादव ने अपनी प्रतिद्वंद्वी रीता चौसिया को 5148 वोटों के निर्णायक अंतर से हराकर जीत दर्ज की। चुनाव परिणाम घोषित होते ही समर्थकों में जश्न का माहौल देखने को मिला।

जानकारी के अनुसार रवि यादव को कुल 24,719 वोट प्राप्त हुए, जबकि रीता चौसिया को 19,571 वोट मिले। शुरुआती राउंड से ही रवि यादव बढ़त बनाए हुए थे और अंतिम चरण तक यह बढ़त कायम रही। मतगणना केंद्र के बाहर भारी संख्या में समर्थक जुटे रहे और जैसे ही आधिकारिक घोषणा हुई, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ जीत का जश्न मनाया गया।

जनता ने विकास पर जताया विश्वास

चुनाव प्रचार के दौरान रवि यादव ने साफ-सफाई, सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और नगर क्षेत्र के समग्र विकास को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया था। वहीं, महिलाओं की सुरक्षा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने का भी वादा किया था। माना जा रहा है कि इन्हीं मुद्दों पर जनता ने उन्हें समर्थन दिया।
रवि यादव ने जीत के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि यह जीत जनता की जीत है और वे नगर के हर वार्ड में समान रूप से विकास कार्य कराएंगे। उन्होंने कहा, “मैं सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त करता हूं। जिन्होंने मुझे वोट दिया, उनका भी धन्यवाद और जिन्होंने नहीं दिया, उनका भी सम्मान करता हूं। अब मेरा कर्तव्य है कि पूरे नगर की सेवा करूं।”
रीता चौसिया ने स्वीकार की हार
दूसरी ओर, रीता चौसिया ने चुनाव परिणाम को स्वीकार करते हुए कहा कि वे जनता के फैसले का सम्मान करती हैं। उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि वे समाज सेवा का कार्य आगे भी जारी रखेंगी।
शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुई मतगणना
मतगणना प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन द्वारा पूरी व्यवस्था पर नजर रखी गई थी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
आगे की चुनौतियां
अब रवि यादव के सामने नगर क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती होगी। शहर में जल निकासी, सफाई व्यवस्था और यातायात जैसी समस्याएं लंबे समय से चर्चा में रही हैं। ऐसे में जनता की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं।
देवघर नगर निकाय चुनाव का यह परिणाम स्थानीय राजनीति में अहम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि रवि यादव अपने चुनावी वादों को किस तरह जमीन पर उतारते हैं और नगर के विकास को किस दिशा में आगे बढ़ाते हैं।