पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के मद्देनज़र Ministry of Home Affairs (MHA) ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्कता बढ़ाने की सलाह दी है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक 28 फरवरी को जारी पत्र में मंत्रालय ने चेताया कि क्षेत्रीय सैन्य घटनाक्रम का घरेलू स्तर पर असर पड़ सकता है, खासकर धार्मिक जमावड़ों या सार्वजनिक बैठकों में विदेशी घटनाओं का जिक्र होने पर।

क्या कहा गया एडवाइजरी में

संभावित सांप्रदायिक तनाव के मद्देनज़र कड़ी निगरानी।
भड़काऊ भाषण देने वाले तत्वों/समूहों पर नजर।
बेहतर इंटेलिजेंस समन्वय और समय पर हस्तक्षेप के निर्देश।
कानून-व्यवस्था में किसी भी गिरावट को रोकने के लिए त्वरित कदम।
मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि खाड़ी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीयों की मौजूदगी को देखते हुए हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है और सार्वजनिक रूप से संयम बरतने की अपील की गई है।
कश्मीर में एहतियाती कदम
जम्मू-कश्मीर के कुछ हिस्सों में एहतियातन मोबाइल इंटरनेट की स्पीड कम की गई है। अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया।
श्रीनगर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लाल चौक घंटा घर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है, और अतिरिक्त पुलिस व Central Reserve Police Force (CRPF) के जवान तैनात किए गए हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, घाटी के कई हिस्सों—लाल चौक, सैदाकदल, बडगाम, बांदीपोरा, अनंतनाग और पुलवामा—से प्रदर्शन की सूचनाएं मिली हैं। (इन सूचनाओं की स्वतंत्र पुष्टि का इंतजार है।)
पृष्ठभूमि
पश्चिम एशिया में हालिया हमलों और उसके बाद की घटनाओं को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि वह जियोपॉलिटिकल और घरेलू—दोनों आयामों से स्थिति का आकलन कर रही है।