जिले में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ (Delivered) का मैसेज आ रहा है, जबकि उन्हें सिलेंडर मिला ही नहीं है। इस गड़बड़ी से उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

🚨 क्या है पूरा मामला?

बाबाधाम क्षेत्र के एक उपभोक्ता ने बताया कि उन्होंने गैस एजेंसी में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि पिछले 13 मार्च को उन्होंने सिलेंडर बुक किया था, जिसके बाद उनके मोबाइल पर डिलीवरी का मैसेज भी आ गया। लेकिन हकीकत में उन्हें सिलेंडर नहीं मिला।

उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि उनके नाम पर आवंटित गैस सिलेंडर को खुले बाजार में बेच दिया गया है। उन्होंने इस मामले में गैस एजेंसी की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
⚠️ एजेंसी पर लगे आरोप
बिना सिलेंडर दिए ‘डिलीवर्ड’ मैसेज भेजा जा रहा है
उपभोक्ताओं के सिलेंडर को खुले बाजार में बेचे जाने का शक
शिकायत के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं
डिलीवरी सिस्टम में पारदर्शिता की कमी
हालांकि, गैस एजेंसी ने इन आरोपों को खारिज किया है। एजेंसी का कहना है कि उपभोक्ता द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं और तकनीकी कारणों या डिलीवरी प्रक्रिया में देरी के चलते ऐसी स्थिति बन सकती है।
🔍 जांच की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद अन्य उपभोक्ताओं ने भी अपनी समस्याएं साझा करनी शुरू कर दी हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं, जिससे सिस्टम पर भरोसा कम हो रहा है।
स्थानीय प्रशासन से मांग की जा रही है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
🧾 उपभोक्ताओं के लिए सलाह:
डिलीवरी के समय OTP साझा करने से पहले सिलेंडर की पुष्टि करें
संदिग्ध स्थिति में तुरंत एजेंसी और हेल्पलाइन पर शिकायत करें
रसीद और बुकिंग डिटेल सुरक्षित रखें
यह मामला न केवल डिलीवरी सिस्टम की खामियों को उजागर करता है, बल्कि उपभोक्ता अधिकारों की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।