झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। आयोग द्वारा जारी की गई आंसर-की में भारी गड़बड़ी पाई गई, जिसमें करीब 75 सवालों के जवाब गलत बताए जा रहे हैं। इस गलती के सामने आने के बाद आयोग ने महज 24 घंटे के भीतर संशोधित आंसर-की जारी कर दी, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों में नाराजगी बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, जेपीएससी ने 20 अप्रैल 2026 को मॉडल आंसर-की जारी की थी। इसके बाद अभ्यर्थियों ने उत्तरों में कई त्रुटियां होने की शिकायत की। जब बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने आपत्ति दर्ज कराई, तब आयोग ने अगले ही दिन 21 अप्रैल को संशोधित आंसर-की जारी कर दी। हालांकि, नोटिस में पुरानी तारीख ही बनी रही, जिससे भ्रम की स्थिति भी पैदा हुई।

अभ्यर्थियों का कहना है कि यह केवल छोटी-मोटी गलती नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में प्रश्नों के उत्तर गलत होना आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। खासकर इतिहास, भूगोल और विज्ञान जैसे विषयों में कई उत्तरों को लेकर गंभीर आपत्तियां उठाई गई हैं।

उम्मीदवारों का आरोप है कि इतनी बड़ी परीक्षा में इस तरह की लापरवाही उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। उनका कहना है कि आयोग को पहले ही उत्तरों की सही तरीके से जांच करनी चाहिए थी, ताकि बाद में इस तरह की स्थिति न बने।
आयोग की ओर से फिलहाल संशोधित आंसर-की जारी कर दी गई है और अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। लेकिन इस पूरे मामले ने जेपीएससी की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि आयोग अंतिम परिणाम जारी करने से पहले इन आपत्तियों का समाधान किस तरह करता है और क्या अभ्यर्थियों को पूरी पारदर्शिता के साथ न्याय मिल पाता है या नहीं।