खरमास की समाप्ति के साथ ही एक बार फिर विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो गई है। सूर्य के मेष राशि में गोचर करते ही शुभ समय लौट आया है, जिससे देशभर में शादी-विवाह की तैयारियां तेज हो गई हैं। लंबे समय से रुके हुए शुभ कार्य अब फिर से शुरू हो चुके हैं और घरों में शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, अप्रैल और मई 2026 का समय विवाह के लिए बेहद अनुकूल माना जा रहा है। इस दौरान ग्रहों की स्थिति सकारात्मक बनी हुई है, जो वैवाहिक जीवन के लिए शुभ संकेत देती है। विशेष रूप से शुक्र और बृहस्पति ग्रह की स्थिति विवाह, प्रेम और समृद्धि के लिए लाभकारी मानी जा रही है।

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पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया से विवाह के शुभ मुहूर्तों की शुरुआत हो चुकी है। अप्रैल और मई महीने में कुल 16 विवाह मुहूर्त बन रहे हैं, जो शादी के लिए विशेष रूप से शुभ माने जा रहे हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने विवाह समारोह की योजना बना रहे हैं।
हालांकि, ज्येष्ठ मास के दौरान एक विशेष स्थिति भी बन रही है। इस बार पुरुषोत्तम मास के कारण कुछ समय के लिए फिर से मांगलिक कार्यों पर विराम लग सकता है। ऐसे में जो लोग अप्रैल और मई के शुभ मुहूर्तों का लाभ उठाना चाहते हैं, वे इन तिथियों में ही विवाह की योजना बना रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि विवाह के लिए मुहूर्त का चयन केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि मानसिक और सामाजिक संतुलन के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। शुभ समय में किए गए कार्यों को अधिक फलदायी और सफल माना जाता है।
कुल मिलाकर, खरमास खत्म होते ही शादी का सीजन पूरे उत्साह के साथ शुरू हो चुका है और आने वाले दिनों में विवाह समारोहों की रौनक देशभर में देखने को मिलेगी।