प्रखंड क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बड़ी संख्या में आवास अब भी अधूरे पड़े हैं। ताजा समीक्षा बैठक में यह खुलासा हुआ कि कुल 3176 आवासों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए अधिकारियों ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीआरडीए निदेशक ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को स्पष्ट रूप से कहा कि लंबित आवासों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई लाभुकों के आवास निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहे हैं, जबकि कुछ मामलों में काम पूरी तरह रुका हुआ है। अधिकारियों ने कारणों की जांच करते हुए संबंधित कर्मियों से जवाब भी मांगा।

निर्देश दिए गए कि जिन लाभार्थियों ने अब तक निर्माण शुरू नहीं किया है, उन्हें प्रेरित किया जाए और जहां तकनीकी या वित्तीय समस्याएं हैं, उनका तत्काल समाधान किया जाए। इसके साथ ही नियमित मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योजना का लाभ समय पर जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके। अधिकारियों ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों को पक्का घर देने की महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए इसमें देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आने वाले समय में निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी और सभी अधूरे आवासों को जल्द पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।