नगरपंचायत क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा पंडाल में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा और पूरा वातावरण कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया।

प्रख्यात कथावाचक द्वारा प्रस्तुत कथा में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और दिव्य चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया गया। जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पंडाल जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। महिला, पुरुष, बच्चे और युवा बड़ी श्रद्धा से कथा का श्रवण करते दिखाई दिए।

कथावाचक ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़े आदर्शों—सत्य, धर्म और प्रेम—को अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य और सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।

कार्यक्रम स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था और आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की गई थीं। सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

कुल मिलाकर, श्रीमद्भागवत कथा का यह आयोजन क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां प्रतिदिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस आयोजन की लोकप्रियता को दर्शा रही है।
