होली रंगों का त्योहार है, लेकिन अगर इस्तेमाल किया गया गुलाल केमिकल से बना हो तो यह आपकी त्वचा, बालों और आंखों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। बाजार में मिलने वाले कई सस्ते रंगों में सिंथेटिक डाई, ग्लास पाउडर, मेटल कण और औद्योगिक केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जिससे एलर्जी, रैशेज और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ऐसे में होली खेलने से पहले यह पहचानना जरूरी है कि आपका गुलाल नेचुरल है या टॉक्सिक। यहां जानिए 3 आसान ट्रिक्स:

1️⃣ पानी टेस्ट: तुरंत जानें असली या नकली
एक गिलास पानी में थोड़ा सा गुलाल डालें।
अगर रंग धीरे-धीरे घुलता है और पानी हल्का रंगीन होता है, तो यह नेचुरल हो सकता है।
अगर रंग बहुत तेजी से फैल जाए या ऊपर केमिकल जैसा तैरता दिखे, तो उसमें सिंथेटिक डाई हो सकती है।
2️⃣ टेक्सचर चेक: मुलायम या खुरदुरा?
थोड़ा गुलाल उंगलियों में लेकर रगड़ें।
नेचुरल गुलाल आमतौर पर मुलायम और स्मूद होता है।
अगर गुलाल खुरदुरा लगे या उसमें चमकदार कण दिखाई दें, तो यह हानिकारक हो सकता है।
3️⃣ खुशबू और लेबल पढ़ें
नेचुरल या हर्बल गुलाल में हल्की फूलों जैसी खुशबू होती है।
तेज, केमिकल जैसी गंध टॉक्सिक रंग का संकेत हो सकती है।
पैकेट पर “Non-Toxic”, “Herbal”, “Skin-Friendly” जैसे शब्द देखें और FSSAI/ISI जैसे प्रमाणन की जानकारी चेक करें।
क्या हो सकते हैं नुकसान?
त्वचा पर जलन, खुजली और रैशेज
आंखों में संक्रमण
बालों का डैमेज
सांस लेने में परेशानी (खासकर बच्चों और बुजुर्गों में)
सुरक्षित होली के लिए टिप्स
ऑर्गेनिक या हर्बल रंगों का चुनाव करें
खेलने से पहले त्वचा और बालों में नारियल या सरसों का तेल लगाएं
आंखों और मुंह में रंग जाने से बचाएं
एलर्जी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें